Hindi Poem - Aakhir Kyun !!


This is the second hindi poem written by me. Just made an attempt.

क्यों दिल की आवाज़ चुप रहने से महसूस होती है |
क्यों गुम हुई चीज़ हमेशा सबसे ख़ास होती है |

क्यों हर एक आहट उनके आने का एहसास होती है |
क्यों लहरों को साहिल छूने की आस होती है

क्यों एकांत में बैठ कर खुद को खोज रहा हूँ
क्यों हर बार एक नये व्यक्तित्व को सोच रहा हूँ

क्यों शब्दों के जाल में खुद को बुनता जा रहा हूँ
क्यों इसी प्रयास में अपने आप से दूर होता जा रहा हूँ

क्यों समय के हर एक पल के पीछे भागता जा रहा हूँ
क्यों उम्मीदों की गहराईयों में डूबता जा रहा हूँ

क्यों ज़िन्दगी में एक और ज़िन्दगी से मुलाकात हो रही है
क्यों ओंस की हर एक बूँद को छूने की चाह हो रही है

क्यों मन में प्रस्फुटित विचारो के जवाब बस इंतज़ार दे जाते हैं
क्यों, आखिर क्यों कुछ अनकहे सवाल, सवाल ही रह जाते है


Comments

Guest Author: Prateek Dave20 Mar 2010

Hi Ankit

Nice Poem dude.... keep it up :)

Guest Author: Ankit Narang20 Mar 2010

Thanks buddy!!



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